कर्नाटक चुनाव में वादो की बरसात

“लोकल से लेकर अपने राज्य और देश, दुनिया की खबरो का अपडेट पढ़ने के लिए KKN Live का न्यूज एप प्लेस्टोर से डाउनलोड कर लें।”

कर्नाटक। कर्नाटक के विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है। हो भी क्यों नही? जानकार मानते है कि यदि यहां भाजपा की जीत हुई तो राहुल गांधी के नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने शुरू हो जायेंगे और यदि कॉग्रेस ने बाजी मार ली, तो मिशन 2019 के लिए भाजपा का मनोबल टूट जायेगा।

लिहाजा, दोनो ही पार्टी के दिग्गजो ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मतदाताओं को लुभाने के लिए जो घोषणा पत्र जारी किए हैं, दरअसल उनमें एक से बढ़कर एक कई लुभावने वादे किए गए हैं। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी से लेकर भारतीय जनता पार्टी और जनता दलएस तक, सभी ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है।
स्मरण रहे कि कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीट है। वर्तमान के भंग विधानसभा में यहां कांग्रेस के पास 122 सीट, जेडीएस के पास 40 सीट, बीजेपी के पास 40 सीट और अन्य के पास 22 सीट है। ऐसे में जाहिर है कि मतदाताओं को रिझाने के लिए पार्टियां किसानों की ऋण माफी से लेकर महिलाओं के लिए लोकलुभावन घोषणाएं और युवाओं को स्मार्टफोन देने का वादा करके सत्ता के शीर्ष तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
इसी कड़ी में भाजपा ने किसानों के सिंचाई के लिए 1.50 लाख करोड़ रुपए का आवंटन करने, राज्य के हर खेत तक पानी पहुंचाने, 20 लाख छोटे किसानो के बंजर जमीन पर खेती के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपए तक की राशि देने, भूमिहीन किसानों को 2 लाख रुपए का बीमा करने आदि का वादा कर रही है।
वही, कांग्रेस ने किसानों की आमदनी को दोगुनी करने, किसान इनकम कमीशन बनाने, कृषि कॉरिडोर बनाने, कृषि पैदावार को लेकर बुनियादी ढांचे और उद्योगों तक किसानों की पहुंच बनाने का वादा कर रही है। इसी कड़ी में जेडीएस ने सत्ता पर काबिज होने के 24 घंटों के भीतर ही किसानों के बैंक ऋण माफ करने का वादा किया गया है।
महिलाओं के लिए भाजपा ने बीपीएल से नीचे वाली महिला और लड़कियों को मुफ्त और बाकी महिलाओं को एक रुपए में सैनेटरी नैपकिन देने का वादा किया है। वही, कांग्रेस ने बारहवीं तक फ्री शिक्षा, लड़के और लड़कियों दोनों के लिए और प्रत्येक साल 15 से 20 लाख लोगों को नौकरी देने का वादा किया है। जबकि, जेडीएस ने गर्भवती महिलाओं को प्रसव से तीन महीने पहले और तीन महीने बाद छह हजार रुपये की सहायता मुहैया कराने का वादा किया है।
छात्रो के लिए भाजपा ने बीपीएलधारी छात्रो को स्मार्टफोन और कॉलेज स्टूडेंट्स को लैपटॉप देने के साथ भाग्यलक्ष्मी योजना के तहत 2 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। वही, कांग्रेस ने 18 से 23 उम्र के बच्चों को स्मार्टफोन, 11वीं और 12वीं क्लास के छात्रों को फ्री लैपटॉप और इंटरनेट सेवा देने का वादा किया है। जबकि, जेडीएस ने ग्रामीण इलाकों में गरीबी-रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर दी है।
महिला सुरक्षा के नाम पर भाजपा ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के लंबित मुकदमों की जांच के लिए एक हजार महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती करने की बात कही है। वही, कांग्रेस ने महिला पुलिस फोर्स में महिलाओं को 33 फीसदी का आरक्षण देने की घोषणा की है। जबकि, जेडीएस ने गरीबी-रेखा से नीचे वाले परिवारों को हर महीने 30 किलो चावल मुहैया कराने की घोषणा की है। इसी के साथ वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन देने का वादा किया है।