मीनापुर की राजनीति में फर्जी शिक्षक का भूचाल

विधायक के नेतृत्व में तीन दर्जन सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ खोला मोर्चा, मामले को लेकर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी, सीएम को भेजी पत्र की प्रति, प्रमुख ने विधायक पर लगाया दबाव डालकर प्रस्ताव पारित कराने का आरोप

मुजफ्फरपुर। मीनापुर प्रखंड में फर्जी नियोजित शिक्षकों की बर्खास्तगी को लेकर 69 सदस्यीय पंचायत समिति में दो फाड़ हो गया है। विधायक मुन्ना यादव व पंचायत समिति सदस्य मंजू देवी के संयुक्त नेतृत्व में 36 सदस्यों ने बीडीओ को ज्ञापन सौंप प्रमुख राधिका देवी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन सदस्यों ने बीते 11 नवम्बर को पंचायत समिति की बैठक में लिए गए निर्णय को लागू करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है। पत्र की प्रति मुख्यमंत्री सहित सभी उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
बतातें चलें कि 11 नवम्बर की बैठक में फर्जी 98 प्रखंड शिक्षकों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया दिया गया था। हालांकि बाद में प्रमुख ने विधायक सहित अन्य सदस्यों पर दबाव डालकर प्रस्ताव पारित कराने का आरोप लगा कर राजनीति को हवा दे दी है। बैठक से निकलते ही प्रमुख ने बैठक के निर्णय को निरस्त कर 25 नवम्बर को नए सिरे से बैठक कराने के लिए बीडीओ को पत्र लिख प्रखंड में राजनीतिक भूचाल ला दिया।

विधायक और प्रमुख खेमा आमने- सामने

इस बीच प्रमुख द्वारा लगाए आरोपों से बिफरे विधायक मुन्ना यादव ने प्रमुख के आरोपो को निराधार बतातें हुए कहा कि पंचायत समिति में पारित प्रस्ताव को लागू नहीं किया तो वह इस मुद्दे को विधानसभा ले जाएंगे। वहीं प्रमुख राधिका देवी ने विधायक खेमा पर सदस्यों को डरा-धमकाकर हस्ताक्षर कराने और कुछ सदस्यों का फर्जी हस्ताक्षर बनाने का आरोप लगाते हुए डीएम के समक्ष सदस्यों की परेड कराने की बात कही है। इस बीच बीडीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि दोनों पक्ष का आवेदन मिला है। शीघ्र ही न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी।

पिछले वर्ष 145 फर्जी शिक्षकों पर हुआ था केस

मीनापुर थाना में 145 फर्जी नियोजित शिक्षकों पर पिछले वर्ष एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। पंचायत समिति की बैठक के दौरान इनमें से 98 प्रखंड शिक्षकों को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस बीच बीडीओ ने बर्खास्तगी के लिए नियोजन समिति की बैठक बुलाने के लिए तीन बार प्रमुख को पत्र लिख चुके हैं। बावजूद इसके आजतक नियोजन समिति की बैठक नहीं होने से प्रमुख व विधायक का खेमा आमने- सामने आ गया है।