एनडीए के शासन में किसानो को मिला सम्मान : दिनेश

मिलन समारोह

मीनापुर में हुआ पंचायत प्रतिनिधियों का मिलन समारोह

बिहार के वैशाली लोकसभा क्षेत्र अन्तर्गत मीनापुर हाई स्कूल में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मिलन समारोह को संबोधित करते हुए विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस वक्त पूरे दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और यह सभी कुछ पीएम नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ही सम्भव हुआ है। श्री सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए मोदी को और अधिक मजबूत करने की लोगो से अपील की। श्री सिंह ने कहा कि एनडीए की सरकार ने देश में पहली बार किसान सम्मान योजना शुरू की है। इससे पहले आयुष्मान भारत योजना, नल-जल योजना, सम्पर्क सड़क पथ और नेशनल हाईवे योजना सहित दर्जनो योजनाएं शुरू करके एनडीए सरकार ने गांव और शहरो की दूरी को मिटाने का भरसक प्रयास किया है। आज गांव में भी निर्वाध गति से बिजली मिल रही है। नतीजा, एनडीए के लोग ताल ठोक कर मैदान में उतर चुकें हैं और महागठबंधन में अभी भी पहलवान की तलाश पूरी नहीं हुई है।

महिला कोमल होती है कमजोर नहीं : वीणा

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वीणा देवी ने कही कि अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनिया की अधिकांश देश भारत की तारीफ कर रहा है और हमारे अपने ही देश के कई नेताओं को राष्ट्र निर्माण की गति दिखाई नहीं दे रही है। पूर्व विधायक ने कही कि महिला कोमल होती है। इसे कमजोर समझने की भूल नहीं करें। पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि मुझे आपके आर्शीवाद की जरुरत है और उम्मीद है कि वैशाली की जनता मुझे निराश नहीं करेंगी। बतातें चलें कि वैशाली लोकसभा क्षेत्र से वीणा देवी के एनडीए उम्मीदवार बनाए जाने के कयासो के बीच उनका यह बयान मायने रखता है।

इन्होंने रखे अपने विचार :

उप प्रमुख रंजन सिंह की अध्यक्षता में सभा का संचालन पूर्व मुखिया मो. सदरुल खा ने किया। मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष इन्द्रा देवी, जिला पार्षद वीणा देबी, खुशबू कुमारी, कुमोद पासबान, बोचहा प्रमुख कुंती देवी, पूर्व जिला पार्षद देव नारायण प्रसाद, प्रकाश सिंह, मिथलेश यादव, लक्ष्मण पासवान, गंगा प्रसाद सिंह, लोजपा के जिला अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, मुखिया भरत राय, चन्देश्वर प्रसाद , जगदीश साह, पूर्व मुखिया संजीत कुमार, योगेन्द्र चौधरी, सैयद हसन इमाम, शिव बालक पासवान, वकील बैठा, पंसस राम बाबू यादव, संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विजय सिंह, रघुनाथ सिंह, रतन राय, नवल यादव आदि ने अपने विचार रखे।