जाको राखे साइयां मार सके ना कोय…

​एनडीआरएफ खोज रही थी लाश, उधर महिला निकली जिंदा

मीनापुर सीएचसी मे ग्रामिण व पुलिस मे तीखी नोकझोक

बाढ के पानी मे रहस्यमय तरीके से डूबी महिला दूर जाकर जिंदा निकली

 

संतोष कुमार गुप्ता

मीनापुर। मारने वाला है भगवान।बचाने वाला है भगवान। मीनापुर प्रखण्ड के फरीदपट्टी मे यह दृश्य देखने को सैकड़ो लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी। जिस महिला को मृत समझ कर एनडीआरएफ की टीम व गोताखोरो की टीम खोज रही थी,वह बहुत दूर जाकर जिंदा निकली। मंगलवार की सुबह दस बजे मे चकजमाल गांव के मो अकबर की पत्नी कुरैसा खातून (50) श्रंगार स्टोर का समान खरीदने के लिए गंजबाजार आ रही थी। वह सौदर्य प्रसाधन का दुकान चलाती है। हरितालिका तीज व चौठचंद को लेकर वह मार्केटिंग करने जा रही थी। चक्रशुल से आगे बढने पर वह फरीदपट्टी पुल पर पानी का तेज बहाव देखने लगी। इसी बीच उसने अपना संतुलन खो दिया। वह पुल मे बहने लगी। उसको बहते देख कुछ युवाओ ने छलांग लगायी। किंतु सफलता हाथ नही लगी। कुछ दूर जाने के बाद महिला केले के थम्ब से बचने का प्रयास जरूर की। किंतु फिर ओझल हो गयी। स्थानिय गोताखोरो ने ट्युब के सहारे खोजा। बाद मे एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। लोगो को विश्वास हो गया कि वह महिला इस दुनिया मे नही है। एनडीआरएफ की टीम शव खोजने मे जुट गयी। इसी बीच खबर आयी की वह महिला जिंदा है। मीनापुर थाना से आगे मस्जिद के समीप वह सकुशल बाहर निकल गयी है। स्थानिय लोगो के प्रयास से उसे मीनापुर सीएचसी लाया गया। जहां डॉ रजनिश गांधी के इलाज के बाद वह बेहतर हो गयी। आनन फानन मे दरोगा दिनेश सिंह के नेतृत्व मे मीनापुर पुलिस सीएचसी पहुंची। उनका कहना था कि महिला गिरी नही है बल्कि पैर से चप्पल निकाल नदी मे छलांग लगायी है। पुलिस के इतना कहते ही लोग आक्रोशित हो उठे। लोगो का कहना था कि महिला पैर फिसलने से हादसा हुआ है। पुलिस का आरोप ठीक नही है। बाद मे महिला को पुत्र मो कलाम के हवाले कर दिया गया।