बालिका गृह में दुष्कर्म, खुलाशा चौकाने वाला

बिहार के मुजफ्फरपुर में संचालित बालिका गृह में 29 लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुकी है। वहीं, बिहार के डीजीपी केएस द्विवेदी ने कहा कि वे पुलिस की ओर से इस मामले में की गई जांच से संतुष्त हैं। इस बीच पुलिस ने बालिका गृह के संचालक सहित ग्यारह लोगो पर एफआईआर दर्ज करके इसमें से दस आरोपित को गिरफ्तार लिया है। फिलहाल, इस घटना के बाद बिहार में संचालित होने वाली बालिका गृह सवालो के घेरे में आ गई है।

मेडिकल जांच में हुई दुष्कर्म की पुष्टि
मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में रहने वाली 44 में से 42 लड़कियों की मेडिकल जांच करवाई गई। रिपोर्ट में 29 लड़कियों के साथ रेप होने की पुष्टि के बाद सरकार सकते में है। अन्य दो लड़िकयों की तबीयत सही नहीं होने के कारण जांच होना अभी बाकी है। इस बीच विपक्ष के लोग सरकार पर इस मामले में संलिप्त अन्य सफेदपोश लोगो को बचाने का आरोप लगा रही है। विपक्ष के नता नेता तेजस्वी यादव ने सीबीआई जांच कराने की मांग की है। तेजस्वी यादव मांग की है कि इस मामले की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में की जाए।
हत्या के शक में चल रही है खुदाई
इस बीच मुजफ्फरपुर के बालिका आश्रय गृह में रह चुकी एक लड़की ने आरोप लगाया था कि उसकी एक साथी के साथ रेप किया और फिर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद उसे परिसर में ही दफना दिया गया। इन आरोपों के बाद बिहार पुलिस ने जांच शुरु की है और शव को ढूंढ़ने के लिए उन्होंने बालिका आश्रय गृह के परिसर की खुदाई भी की। हालांकि, अभी तक पुलिस को हत्या से संबंधित कोई पुख्ता सबूत हाथ नहीं लगा है। फिलहाल, खुदाई बंद कर दी गई है और गड्ढे को भर दिया गया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि खुदाई से मिले सामन को नमूने को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया जाएगा।
ऐसे हुआ था खुलाशा
दरअसल, मुंबई के एक संस्थान के सामाजिक ऑडिट में बिहार के इस बालिका आश्रय गृह की लड़कियों के साथ हो रहे शोषण का मामला सामने आया था। इसके बाद बिहार के समाज कल्याण विभाग ने पिछले महीने इसकी प्राथमिकी दर्ज की और इस सिलसिले में 10 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। फिलहाल, सरकार ने मुजफ्फरपुर के इस बालिका आश्रय गृह को चलाने वाले एनजीओ को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है और बालिका आश्रय गृह को सील कर दिया है। इतना ही नहीं बल्कि, यहां की लड़कियों को अन्य जिलों के बालिका आश्रय गृहों में सिफ्ट भी कर दिया गया है।