फेसबुक पर की दोस्ती और झांसा देकर कर लिया अपहरण

अपहरण

बिहार के मुजफ्फरपुर से अपराध का एक लोमहर्षक खुलाशा हुआ है। फेसबुक पर दोस्ती का झांसा देकर अपहरण करने का खुलाशा। बहरहाल, रोसड़ा के हसनपुर पुलिस ने अपहरण के महज पांच घंटे के भीतर अपहृत मुजफ्फरपुर के दो लड़कों को मुक्त करा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपित को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस ने अपहर्ताओं की दो कार व दो मोबाइल भी जब्त की है।

 

पुलिस ने दिखाई तत्परता

अपहर्ताओं की चंगूल से मुक्त कराए गए लड़के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के सुपना गांव के ऋषि कुमार व कुढ़नी थाना क्षेत्र के छाजन दुबियाही निवासी राहुल कुमार है। वहीं, पुलिस के हथ्थे चढ़े आरोपितों में हसनपुर के परिदह निवासी प्रदीप यादव व मुरारी यादव है। पुलिस नोएडा में रह रहे ऋषि के फेसबुक फ्रेंड मोहित से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है।

ऐसे हुआ खुलाशा

घटना, शनिवार की देर रात की है। पुलिस को डायल 100 के माध्यम से सूचना मिली कि हसनपुर के परिदह गांव में मुजफ्फरपुर के दो लड़कों का अपहरण कर लिया गया है और उससे आरोपित तीन लाख रुपए की डिमांड कर रहे हैं। रुपए नहीं देने पर आरोपितों ने जान मारने की धमकी भी दी है। सूचना पर हरकत में आयी पुलिस ने डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। इधर, थानाध्यक्ष संजय कुमार अपहृत ऋषि से मैसेज द्वारा संपर्क बनाए हुए थे। इस बीच ऋषि के मोबाइल का प्रयोग किए जाने की भनक अपहर्ताओं को लग गयी। इसके बाद अपहर्ताओं ने मोबाईल छीन लिया। तब तक पुलिस को उनके ठिकाने का पता लग चुका था। ऋषि ने थानाध्यक्ष को जानकारी दी थी कि उसे एक पॉल्ट्री फॉर्म में रखा गया है। उन्हें वे कार से कहीं ले जाने की प्लानिंग कर रहे थे, तभी पुलिस आ धमकी और दोनों को अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया और दोनो आरोपित भी पुलिस के हथ्थे चढ़ गए।

अपहर्ता की कार संदिग्ध

घटना का खुलाशा होने के बाद एसडीपीओ ने मीडिया को बताया कि बरामद की गयी कार पर लगा नंबर प्लेट संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। दरअसल, नंबर प्लेट के दोनों ओर अलग-अलग नंबर अंकित है। जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि आरोपित इस कार का इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने में पहले भी कर चुका होगा। फिलहाल, पुलिस कार का भौतिक सत्यापन करने में जुटी है।