जेल से रची गई हत्या की साजिश, सरपंच समेत 13 नामजद

शराब के धंधे का विरोध करने पर गई जान

KKN लाइव न्यूज ब्यूरो। बिहार में सुशासन का दावा खोखला साबित होने लगा है। मुजफ्फरपुर में अपराधी बेलगाम है और पुलिस पस्त है। इस बीच ताबड़तोड़ हो रही हत्या की परतें भी अब खुलने लगी है। मिशाल के तौर पर मीनापुर के किसान हत्याकांड को ही देंखे। दरअसल, जमीन विवाद के साथ-साथ शराब के धंधे का विरोध करना खरहर के किसान दीपनारायण प्रसाद को महंगा पड़ा। मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल में बंद शराब के धंधेबाज ने अपने साले की मदद से साजिश रची और मंगलवार दोपहर शहर जाने की राह में गोली मार कर किसान दीप नारायण की हत्या करवा दी।

13 लोगो पर एफआईआर

घटना के 24 घंटे बाद बुधवार को मृतक के भतीजा पप्पू प्रसाद के बयान पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर अब इस बिंदु पर जांच आरंभ कर दी है। एफआईआर में जेल में बंद कोइली पंचायत के सरपंच मनोज कुमार को साजिशकर्ता बताया गया है। दर्ज एफआईआर में पप्पू ने 13 लोगों को नामजद किया है। इसमें खरहर के प्रमोद प्रसाद, शैलेन्द्र प्रसाद उर्फ मुन्ना, सुशील प्रसाद, रामचन्द्र प्रसाद, नेबालाल प्रसाद, संजय प्रसाद, रामप्रीत प्रसाद, रामसकल प्रसाद, सत्येन्द्र प्रसाद, अरविंद प्रसाद, सीताराम प्रसाद, रतन राय और मोतीपुर थाना के हरौना गांव के सुनील कुमार को नामजद किया है। थानाध्यक्ष धनंजय कुमार ने बताया कि नामजद में से चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार होने वालों में रामचन्द्र प्रसाद, नेबालाल प्रसाद, प्रमोद कुमार और शैलेन्द्र प्रसाद उर्फ मुन्ना शामिल है।

साले की मदद से हत्या की साजिश रचा

पप्पू ने पुलिस को बताया कि कोइली पंचायत के सरपंच मनोज कुमार शराब का अवैध धंधा करता था और इसी आरोप में पिछले सप्ताह पुलिस ने उसको अहियापुर से गिरफ्तार कर लिया था। जेल जाने से पहले मनोज ने अपने घर वालों को बताया था कि दीपनारायण ने ही उसे गिरफ्तार करवाया है और अब उसकी हत्या करनी होगी। नहीं तो वह चैन से नहीं रहने देगा। इसके बाद जेल से सरपंच मनोज ने अपने साले मोतीपुर के सुनील कुमार के साथ मिलकर साजिश रची और सभी आरोपितों की मदद से मंगलवार को कचहरी जाने की राह में एनएच 77 पर गोली मारकर दीपनारायण की हत्या कर दी गई।

सुबह से हो रही थी किसान की रेकी

पप्पू ने बताया कि आरोपित सुनील, सुशील और मुन्ना सुबह से ही दीपनारायण की रेकी कर रहा था और दीपनारायण के घर से निकलते ही तीनों बाइक से निकला था। मृतक के पिता ननपत प्रसाद उर्फ भोगा भगत को जब शक हुआ तो उन्होंने यह बात पप्पू को बता दी। इसके बाद पप्पू अपने चाचा सोनेलाल प्रसाद के साथ बाइक से उन लोगों के पीछे निकला। मुकसूदपुर चिमनी के समीप उसने देखा कि सुनील उनके चाचा दीप नारायण पर गोली चला रहा था। गोली लगते ही दीपनारायण जमीन पर गिर गये और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, उनके साथ बाइक पर सवार खरहर के राजा शर्मा और कोइली के शत्रुघ्न सहनी सड़क पर बेसुध पड़े हुए थे।

पहले भी दो बार हो चुका है हमला

स्मरण रहें कि मृतक का सरपंच के साथ दो दशक पुराना जमीन विवाद चल रहा है। वर्ष 2012 में भी आरोपितों ने छपरा के समीप दीपनारायण को गोली मार दिया था। हालांकि, उस वक्त गोली लगने के बाद भी वह बच गए थे। यह मामला कोर्ट में है। इससे पहले 2002 में आरोपितों ने दीप नारायण के घर पर बम से हमला कर दिया था। इस आरोप में निचली अदालत ने आधा दर्जन लोगों को सजा सुनाई थी।

किसान के घर पर पसरा है मातम

किसान दीपनारायण की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को किसान के खरहर स्थित घर पर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। घर से निकल रही महिलाओं के करुण कंद्रण से आने जाने वालों की आंखें नम हो जा रही थी। वृद्ध पिता ननपत प्रसाद उर्फ भोगा भगत बार-बार गमछा से आंसूओं को पोछते और कुछ कहना चाह रहे थे, लेकिन उनकी जुबान लड़खड़ा रही थीं। दरबाजे पर बैठे मृत किसान का छोटा भाई पुनीत प्रसाद बिना कुछ बोले शून्य में निहार रहा था।

बेटा को आईएएस बनाना चाहता था

गले में उतरी लिए कुर्सी पर बैठे किसान के पुत्र रघु रंजन की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। दिल्ली यूनिवर्सिटी से मैथ ऑनर्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद रघु आईएएस बनने के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर में परीक्षा की तैयारी कर रहा है। पिता की हत्या की खबर सुनते ही वह फ्लाइट से मंगलवार की शाम घर आया और देर रात पिता को मुखाग्नि दी। रघु कहता है कि गांव के लोगों ने पल भर में ही अनाथ बना दिया। दरवाजे पर गांव के कई लोग बैठे हुए हैं। सभी को रघु के भविष्य की चिंता सता रही है। स्मरण रहे कि मृतक किसान दीन नारायण खुद निरक्षर था। किंतु, बेटा को आईएएस बनाने की तैयारी में जुटा था।

परिवार बिखरने का खतरा

विदित हो कि दीपनारायण अपने पूरे परिवार को एकता के सूत्र में बांध कर रखता था। अब इस परिवार के बिखर जाने का खतरा भी मंडराने लगा है। दिन का दोपहर बीतने को था। किंतु, अभी तक परिवार का कोई भी सदस्य अन्नजल ग्रहण नहीं किया है। पड़ोस के लोग वृद्ध ननपत प्रसाद को नहाने और खाने की जिद्द करते हैं। लेकिन वह चुपचाप बैठे लोगों को निहार रहे थे। परिवार के लोग दहशत में हैं और कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।

बंगाल भागने के फिराक में था शूटर

इस बीच मीनापुर के तुर्की बाजार स्थित एक चाय दुकान पर अपराधियों की गोली के शिकार बने चिमनी संचालक सह राजद नेता के कारोबारी पुत्र अजय कुमार हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपित सीतामढ़ी के राकेश राय और शिवहर तरियानी के शूटर गुड्डू कुमार को पूर्णिया से दबोच लिया है। फिलहाल दोनों से मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त टीम सीतामढ़ी में ही गहनता से पूछताछ कर रही है। राकेश राय के खिलाफ सीतामढ़ी में 17 हत्या व रंगदारी के मामले दर्ज है। मुंशी हत्याकांड में उसे कोर्ट में पेश किया जाना है।

रिमांड पर लेने की तैयारी

मुजफ्फरपुर पुलिस राकेश को अजय कुमार हत्या कांड में रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी है। मीनापुर पुलिस इसकी कवायद में जुट गई है। संभवत: गुरुवार को सीतामढ़ी कोर्ट में रिमांड के लिए पुलिस अर्जी भी देगी। राकेश राय सीतामढ़ी के कुख्यात सरोज राय का चचेरा भाई है। मीनापुर कारोबारी हत्या कांड का मुख्य आरोपित राकेश के साथ गुड्डू को भी गिरफ्तार किया गया है जो शूटर की भूमिका निभाई थी। बुधवार को राकेश राय व गुड्डू को मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में पूर्णिया से सीतामढ़़ी लेकर पहुंची। हालांकि, चर्चा यह है कि राकेश की गिरफ्तारी कटिहार से हुई है। एसएसपी मनोज कुमार ने बताया कि राकेश व गुड्डू से पुलिस पूछताछ कर रही है।

दरभंगा भाया बंगाल भाग रहा था शूटर

छापेमारी टीम में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अजय की हत्या के बाद राकेश अपने साथी के साथ बंगाल निकलने के फिराक में था। वह सीतामढ़ी, दरभंगा होते हुए इंफाल पहुंचता, इसके बाद वहां से बंगाल निकल जाता। लेकिन, इस बीच कटिहार पुलिस की मदद से दोनों को पूर्णिया में पकड़ लिया गया। हालांकि, उसके पास उस वक्त हथियार नहीं था। पुलिस हथियार की बरामदगी को लेकर छापेमारी में जुटी है।

अन्तरजिला रंगदार है राकेश

अपराध की दुनिया में खौफ नाक चेहरा बनकर उभरा सरोज राय और राकेश राय सीतामढ़ी के अलावा मुजफ्फरपुर के अहियापुर और कुढनी थाना क्षेत्र से रंगदारी वसूल रहा था। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को बताया है कि दोनों बदमाशों को सीतामढ़ी के विभिन्न इलाकों से बड़े पैमाने पर रंगदारी की रकम मिल रही है। इसके अलावा उन दोनों का रंगदारी कारोबार अहियापुर और कुढ़नी थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में फैला हुआ है।

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