भारत अब केवल दुनिया का बड़ा मोबाइल बाज़ार ही नहीं बल्कि एक बड़ा Smartphone Export Hub भी बन चुका है। साल 2025 की पहली छमाही (H1 2025) के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं। इस दौरान भारत से किए गए स्मार्टफोन निर्यात में iPhone 16 Export सबसे आगे रहा। इसने अकेले 18% हिस्सेदारी ली।
वहीं दूसरी ओर Samsung Galaxy A Series ने शानदार प्रदर्शन किया और 25.5% हिस्सेदारी हासिल की। खास बात यह रही कि Motorola ने भी सबको चौंकाते हुए तीसरा स्थान हासिल किया और Xiaomi तथा Vivo जैसे बड़े ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया।
iPhone 16: भारत से निर्यात का सबसे बड़ा सितारा
Counterpoint Research की रिपोर्ट बताती है कि iPhone 16 Export सबसे ज्यादा हुआ। इस मॉडल ने अकेले 18% हिस्सेदारी ली। इसके साथ iPhone 15 और iPhone 16e जैसे मॉडल भी टॉप-5 लिस्ट में शामिल रहे।
यह साफ संकेत है कि Apple की भारत में बनी फैक्ट्रियां अब सिर्फ घरेलू बाज़ार नहीं बल्कि अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स की मांग भी पूरी कर रही हैं।
भारत सरकार की PLI Scheme (Production Linked Incentive) ने भी Apple को भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। यही वजह है कि अब iPhone भारत से बने-बनाए सीधे दुनिया के बड़े मार्केट्स में पहुंच रहे हैं।
Samsung Galaxy A Series: मिड-रेंज का Global Player
जहां Apple प्रीमियम सेगमेंट में नंबर-1 रहा, वहीं मिड-रेंज मार्केट को Samsung ने बखूबी कैप्चर किया। रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung Galaxy A Series Export ने 25.5% हिस्सेदारी ली।
Galaxy A सीरीज आमतौर पर 15,000 से 30,000 रुपये की रेंज में आती है। बड़ी डिस्प्ले, दमदार बैटरी और 5G सपोर्ट जैसे फीचर्स ने इसे विदेशों में भी लोकप्रिय बना दिया है।
Samsung की रणनीति रही है—“किफायती लेकिन दमदार स्मार्टफोन।” यही कारण है कि Galaxy A सीरीज आज एशिया, अफ्रीका और यूरोप जैसे बाजारों में सबसे ज्यादा बिक रही है।
Motorola: तीसरे नंबर पर बड़ा सरप्राइज
सबसे बड़ा सरप्राइज रहा Motorola का प्रदर्शन। पहले जहां Xiaomi और Vivo भारत से निर्यात में मजबूत रहे, वहीं इस बार Motorola Smartphone Export ने उन्हें पीछे छोड़ दिया।
Motorola ने कुल 2.5% हिस्सेदारी ली और तीसरे नंबर पर रहा। Edge और G सीरीज जैसे मॉडल अब भारत में बनकर विदेश भेजे जा रहे हैं। Motorola ने अपनी रणनीति “क्वालिटी और भरोसे” पर केंद्रित की है। इसी कारण ब्रांड ने फिर से ग्लोबल मार्केट में पकड़ बनाना शुरू किया है।
Apple और Samsung का दबदबा
अगर कुल हिस्सेदारी देखें तो Apple ने 60% और Samsung ने 34% मार्केट पर कब्जा किया। यानी दोनों मिलकर 94% स्मार्टफोन एक्सपोर्ट पर हावी रहे।
Xiaomi, Vivo और Oppo जैसी कंपनियां भारतीय मार्केट में तो अभी भी मजबूत हैं लेकिन Export Performance में काफी पीछे रह गईं।
भारत की Global Supply Chain में अहम भूमिका
भारत के स्मार्टफोन एक्सपोर्ट बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। चीन पर निर्भरता घटाने के लिए ग्लोबल कंपनियां अब भारत में निवेश बढ़ा रही हैं।
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PLI Scheme और सरकारी नीतियों ने कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
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भारत की भौगोलिक स्थिति एशिया, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप तक सप्लाई आसान बनाती है।
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Skilled वर्कफोर्स और तेज़ी से विकसित होती इंफ्रास्ट्रक्चर भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही है।
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि इस सफलता के साथ चुनौतियां भी हैं। लगातार क्वालिटी बनाए रखना, लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना और छोटे ब्रांड्स को भी निर्यात में हिस्सेदारी दिलाना जरूरी है। Apple और Samsung पर अत्यधिक निर्भरता लंबे समय में जोखिम भी साबित हो सकती है।
H1 2025 भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। iPhone 16 Export ने 18% हिस्सेदारी लेकर नंबर-1 स्थान पाया। Samsung Galaxy A Series Export ने 25.5% हिस्सेदारी लेकर मिड-रेंज मार्केट में दबदबा बनाया। वहीं Motorola ने तीसरा स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया।
Apple और Samsung की संयुक्त हिस्सेदारी 94% रही, जो बताती है कि भारत से निकलने वाले ज़्यादातर स्मार्टफोन इन्हीं ब्रांड्स के हैं।
यह साफ संकेत है कि भारत अब दुनिया की Global Technology Supply Chain में अहम खिलाड़ी बन चुका है। आने वाले वर्षों में भारत का यह दबदबा और बढ़ेगा, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा Smartphone Export Hub बन सकता है।
