मानव श्रृंखला पर सरकारी रिपोर्ट संदेह के घेरे में

कौशलेन्द्र झा
मीनापुर। मीनापुर में मानव श्रृंखला की लम्बाई और इसमें शामिल लोगो की संख्या को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी है। आपको बतातें चलें कि बीडीओ संजय कुमार सिन्हा ने सरकार को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें बताया गया है कि मीनापुर में 51. 5 किलोमीटर लम्बी मानव श्रृंखला में करीब 1 लाख 2 हजार 857 लोगो ने हिस्सा लिया।

सरकारी रिपोर्ट पर भड़के विधायक
सरकार को भेजी गयी इस रोपोर्ट से भड़के विधायक मुन्ना यादव ने बताया कि बमुश्किल दस किलोमीटर लम्बी लाइन को 51 किलोमीटर और दस हजार से भी कम लोगो को एक लाख से अधिक बता कर प्रशासन ने सरकार को गुमराह किया है। विधायक ने दावा किया है कि मानव श्रृंखला में आमलोगो के शामिल नही होने की कारणो की गहराई से पड़ताल होनी चाहिए। राजद किसान प्रकोष्ठ के नेता सच्चिदानंद कुशवाहा, छात्र नेता अमरेन्द्र कुमार और मुखिया संघ की अध्यक्ष नीलम कुमारी ने आज के मानव श्रृंखला को पूरी तरीके से विफल बताया है। राजद नेताओं ने वीडियो जारी करते हुए सिवाईपट्टी से खेमाइपट्टी तक इक्के दुक्के स्थानो को छोड़ शिवहर सड़क के खाली रह जाने का दावा किया है। उपप्रमुख रंजन कुमार सिंह की माने तो किरासन तेल और बालू की किल्लत से उपजे आक्रोश का असर मानव श्रृंखला के दौरान देखने को मिला है।
सत्ता पक्ष ने बताया सफल
इस बीच सत्ता पक्ष के नेताओं ने मानव श्रृंखला को सफल होने का दावा किया है। पूर्व मंत्री व भाजपा नेता दिनेश प्रसाद, मछुआ आयोग के उपाध्यक्ष कुमार मणिभूषण निषाद, प्रमुख राधिका देवी, उपप्रमुख रंजन सिंह, जदयू के अध्यक्ष पंकज किशोर पप्पू, भाजपा किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार, रामकुमार साह, पूर्व प्रमुख महावीर राम, मिथलेश यादव, वीणा देवी, मो. सदरूल खान, नीरज कुमार आदि ने मानव श्रृंखला को सफल बताया है।

दस रोज पहले ही करा लिया गया हस्ताक्षर
सूत्रो से खबर मिली है कि मीनापुर में मानव श्रृंखला को सफल बताने वाली रिपोर्ट दस रोज पहले ही बन कर तैयार हो चुकी थी। इसके लिए बीडीओ के निर्देश पर सरकारी कर्मियों ने पिछले दस रोज से गांव गांव घूम कर लोगो से हस्ताक्षर ले रहे थे और इसी हस्ताक्षर को आधार बता कर एक लाख से अधिक लोगो के मानव श्रृंखला में शामिल होने का रिपोर्ट सरकार को भेज दिया गया है।