मीनापुर के गोरीगामा में कैंसर का कहर

दस वर्षों में हुई 31 लोगो की मौत, 5 अभी भी बीमार

कौशलेन्द्र झा
मुजफ्फरपुर। मीनापुर प्रखंड की गोरीगामा पंचायत में कैंसर कहर बरपा रहा है। दस वर्षों में पंचायत के गोरीगामा व टेंगराहां गांव में 31 कैंसर मरीजों की जान जा चुकी है। पिछले एक साल में इस जानलेवा कैंसर से आठ लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 16 महिलाएं हैं। आज भी पंचायत की एक महिला सहित पांच लोग कैंसर से अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो उनलोगों ने समय-समय पर इसकी शिकायत की लेकिन कोई सुध लेने नहीं आया।
इसी साल फरवरी में बीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया था। लेकिन डॉक्टरों की कोई टीम नहीं आई। कुछ दिन बाद पीएचईडी की एक टीम पानी की जांच करने गांव में पहुंची। ग्रामीण विवेक कुमार ने बताया कि जांच टीम ने पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने की आशंका जता रही थी। लेकिन इस दिशा में आगे कोई ठोस पहल नहीं हुई। गोरीगामा की मुखिया अनामिका ने बताया कि उनके परिवार से अबतक दो लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। इस संबंध में कई बार प्रखंड से लेकर जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया लेकिन कोई जबाव नहीं मिला।
इन लोगों का चल रहा है इलाज
रामनरेश सिंह (55), बिन्देश्वर साह (55), नंदकिशोर राय (60), गीता देवी (45) और अजय कुमार (35) कैंसर से पीड़ित है। सभी का दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है।
कैंसर से इनकी हो चुकी है मौत
टेंगराहां की नीलम देवी, इंदू देवी, रामभजन पंडित, रामश्रेष्ठ राय, सुभद्रा देवी, उदय लक्ष्मी, नगीना देवी, रामकिशोर सिंह, फूलदेवी, रामकली देवी, गणेश सिंह, नागेन्द्र सिंह, कुशमी देवी, इंन्द्रदेव साह, यदु सिंह, महेश सिंह, दुलारी देवी, नीतु कुमारी, कारो देवी, ममता देवी, यदुनाथ साह, वंदना कुमारी, चन्द्रकला देवी, सिहांसन देवी व मीणा देवी की कैंसर से मौत हो चुकी है। वहीं गोरीगामा के शिवशंकर सिंह, लक्ष्मेश्वर सिंह, कपीलदेव नारायण सिंह, वालेश्वर सिंह, उदय नारायण सिंह और संजय सिंह शामिल है।
मीनापुर अस्पताल के प्रभारी डॉ. सीएम मिश्रा ने बताया कि गोरीगामा पंचायत की स्थिति के बारे में पहले भी सिविल सर्जन को पत्र लिखा गया था। वरीय अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया था। फिर से पत्र लिख कर स्वास्थ्य विभाग से विशेषज्ञों की टीम से जांच कराने की मांग करेंगे।