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भारत-बांग्लादेश की जीरो लाइन, जानिए सुरक्षा और व्यापार की चौकाने वाली हकीकत | फुलबारी बॉर्डर

यह भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर का वह रास्ता है, जिसे देश की सुरक्षा की रीढ़ कहा जाता है — और यही रास्ता हमें ले जाता है फुलबारी इंटरनेशनल बॉर्डर, भारत-बांग्लादेश की जीरो लाइन तक। इस एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको ले चलेंगे— ? भारत-बांग्लादेश की Zero Line पर ? 1971 के युद्ध के ऐतिहासिक रणक्षेत्र से ? BSF और बॉर्डर गार्ड की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच ? व्यापार, कूटनीति और भू-राजनीति के त्रिकोण तक आप जानेंगे— ✔️ सिलीगुड़ी कॉरिडोर को Chicken Neck क्यों कहा जाता है ✔️ 1971 में भारतीय सेना की रणनीति क्या थी ✔️ फुलबारी बॉर्डर भारत, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के लिए क्यों अहम है ✔️ Zero Line पर आम नागरिकों को जाने की अनुमति कब और कैसे मिलती है ✔️ सुरक्षा और व्यापार को एक साथ संभालना कितना चुनौतीपूर्ण है यह रिपोर्ट सिर्फ एक बॉर्डर की कहानी नहीं, बल्कि भारत के पूर्वोत्तर की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और इतिहास का जीवंत दस्तावेज है।


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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