20 नवंबर 2025… पटना के गांधी मैदान में एक ऐसा फैसला हुआ, जिसने बिहार की राजनीति में सौ सवाल खड़े कर दिए। नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन सबकी निगाहें एक युवा चेहरे पर टिक गईं—दीपक प्रकाश। न विधायक, न विधान परिषद सदस्य, फिर भी सीधे मंत्री पद की शपथ। क्या यह कदम बिहार की राजनीति में परिवारवाद को नई वैधता दे रहा है? क्या उपेंद्र कुशवाहा ने सत्ता की बिसात पर ऐसा दांव चल दिया है, जिससे NDA खुद अपने आरोपों के जाल में फंस गया है? क्या यह निर्णय 2030 के चुनावों में NDA को फायदा देगा या नुकसान? आज अंजुमन में इन्हीं सवालों की पड़ताल।
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