Home Anjuman प्रेम चाहिए या सहारा? ओशो ने क्या कहा…

प्रेम चाहिए या सहारा? ओशो ने क्या कहा…

क्या आपने कभी खुद से पूछा है – “मैं प्रेम करता हूं या प्रेम की उम्मीद करता हूं?” इस वीडियो में एक ऐसी सच्ची कहानी है, जो आपके दिल को छू जाएगी और सोचने पर मजबूर कर देगी। एक युवक अर्जुन की प्रेम की तलाश… एक सन्यासी बाबा की रहस्यमयी सीख… और ओशो के गूढ़ विचारों का स्पर्श। जानिए, प्रेम कोई रिश्ता नहीं बल्कि एक अवस्था कैसे है!


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कौशलेन्द्र झा, KKN Live की संपादकीय टीम का नेतृत्व करते हैं और हिन्दुस्तान (हिन्दी दैनिक) में नियमित रूप से लेखन करते हैं। बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव अर्जित किया है। वे प्रातःकमल और ईटीवी बिहार-झारखंड सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं। सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है—वे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ (भारत) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और “मानवाधिकार मीडिया रत्न” सम्मान से सम्मानित किए गए हैं। पत्रकारिता में उनकी गहरी समझ और सामाजिक अनुभव उनकी विश्लेषणात्मक लेखन शैली को विशिष्ट बनाते हैं

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